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Thursday, 9 March 2017

ЁЯШ╖ рд╣ँрд╕рдиा рдордиा рд╣ैЁЯШ╖

अगर  हंसे  तो  आप  हार  जाएंगे ओके रेडी 

तो  सुनिये

मान  लो  आप  बस में  सफर  कर  रहे हो और
आपके  पेट  में  जबरजस्त  गैस  बन  जाए

और
इत्तेफाक  से  गाना  बहुत  जोर  से  बज  रहा  हो

और आपने  भी
बड़े  ही  शातिराना  अंदाज़  में
गाने  की  धुन  से  धुन  मिलाते  हुए
गैस  रिलीज़  कर  दी की  😂😂😎😎😂😂
किसी  को  पता  भी  ना  चले

और  ऐसा  बार-बार    करते  रहे
क्यों  की  गाना  तो  बज  ही  रहा  था

और
आप  उसी  की  आड़  में

ताल  से  ताल  मिलाते  हुए
लय  से  लय  मिलाते  हुए

उस्तादी  से  गैस  रिलीज  करते  रहे  और 
किसी  की  कानो  कान  खबर  भीना  हुई
😧😧

पर जब  उतरने  लगे  तो  आपने  देखा  की
सारे  पैसेंजर  आपको  गुस्से  से  घूर  रहे  थे

तब
अचानक  आपको  याद  आया  की
.
.
.
.
..
गाना  तो   सिर्फ  आपके   हेडफोन 
पर  बज  रहा  था
बाकी  बस  में  तो  शान्ति  थी  .!
😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂
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अगर आपको किसी से दुश्मनी निकलना हो तो उसके  बैंक के अकाउंट में 5 रूपए
100 बार जमा करवा दो।

अब 4 से ज्यादा लेन देन पर 173 रूपए हर ट्रांजेक्शन लगेंगे।

आपके तो 500 जायेंगे उस के 17300 लग जाएंगे।

😜😜😜
बैंक न हुआ सुलभ शौचालय हो गया
साला जितनी बार जाओ
उतनी बार पैसे दो
😁😁😁
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एक रात एक चोर एक आदमी के घर घुस आया.
पिस्तौल दिखाकर बोला, “बता सोना कहां है?”

आदमी: “अबे, उल्लू के पट्ठे..इतनी सी बात के लिए पिस्तौल दिखाने की क्या जरूरत थी.
.पूरा घर खाली पड़ा है, जहां मर्जी सो जा!!”
😃😃😃😃😃😂😂😂😂😂😂
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Sunday, 5 March 2017

рдеोреЬी рд╕ी рдиोंрдХ-рдЭोंрдХ!

थोड़ी सी नोंक-झोंक! निवेदन है सभी शादी-शुदा पतियों से कि ये सवांद अवश्य पढ़ें और अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें।

पति: अजी सुनती हो?

पत्नी: नहीं, मैं तो जनम से बहरी हूँ। बोलो?

पति: मैंने ऐसा कब कहा?

पत्नी: तो अब कह लो, पूरी कर लो एक साथ कोई भी हसरत अगर अधूरी रह गयी हो। 

पति: अरी भाग्यवान!

पत्नी: सुनो एक बात... अब मुझे भाग्यवान तो कहना मत, फूट गए नसीब मेरे तुमसे शादी करके और कहते हो भाग्यवान हूँ।

पति: एक कप चाय मिलेगी?

पत्नी: एक कप क्यों? लोटा भर मिलेगी और सुनो किसको सुना रहे हो? मैं क्या चाय बना के नहीं देती?

पति: अरे यार कभी तो सीधे मुँह बात...

पत्नी: बस... आगे मत बोलना, नहीं आता मुझे सीधे मुँह बात करना। मेरा तो मुँह ही टेढ़ा है, यही कहना चाहते हो ना?

पति: हे भगवान!

पत्नी: हाँ... माँग लो भगवान जी से एक कप चाय। मैं चली नहाने, और सुनो मुझे शैम्पू भी करना है देर लगेगी। बच्चों को स्कूल से ले आना मेरे अकेले के नहीं हैं।

पति: अरे ये सब क्या बोलती हो?

पत्नी: क्यों झूठ बोल दिया क्या? मैं क्या दहेज़ में ले कर आयी थी इनको?

पति: अरे मैं कहाँ कुछ बोल रहा हूँ?

पत्नी: अरे मेरे भोले बाबा, तुम कहाँ बोलते हो? मैं तो चुप थी। बोलना किसने शुरू किया? बताओ?

पति: अरे मैंने तो एक कप चाय मांगी थी।

पत्नी: चाय मांगी थी या मुझे बहरी कहा था? क्या मतलब था तुम्हारा? "अजी सुनती हो?" का क्या मतलब था बताओगे?

पति: अरे श्रीमती जी, कभी तो मीठे से बोल लिया करो।

पत्नी: अच्छा? मीठा नहीं बोली मैं कभी तो ये दो-दो नमूने क्या पड़ोसी के हैं? देख लिया है बहुत मीठा बोल कर। बस अब और मीठा बोलने कि हिम्मत नहीं है मेरी।

पति: भूल रही हो मैडम।

पत्नी: क्या भूल रही हूँ?

पति: अरे मुझे बात तो पूरी करने दो। मैं कह रहा था कि पति हूँ तुम्हारा।

पत्नी: अच्छा... मुझे नहीं पता था। सूचना के लिए धन्यवाद।

पति: अरे नहीं चाहिए मुझे तुम्हारी चाय। बक बक बंद करो।

पत्नी: अरे वाह! तुम्हें तो बोलना भी आता है। बहुत अच्छे, चाय पी के जाओ। बाद में नहा लूँगी।

पति: गज़ब हो तुम भी। पहले तो बिना बात लड़ती हो फिर बोलती हो चाय पी के जाओ।

पत्नी: तो क्या करूँ? तुम लड़ने का मौका कहाँ देते हो? लड़ने का मन करे तो क्या पड़ोस में लड़ने जाऊँ?

नोट - पत्नियों के अधिकारों का हनन ना करें और उन्हें लङने का मौका अवश्य दें।

рдкрдд्рдиी рддो рдкрдд्рдиी рд╣ी рд╣ोрддी рд╣ै

कार से किसी शादी मे जा रहे थे। रास्ते में कार पंक्चर हो गयी। बेचारा पति उतरा और स्टेपनी बदलने के काम पर लग गया। पत्नी भी उतरी और भुनुर भुनुर करने लगी।

सुनिये उसका भुनुर भुनुर:

देख कर तो चला ही नही सकते हो

नुकीले पत्थर पर ही गाड़ी चढा दी

पंक्चर तो हुआ ही डेंट भी लगा दिया

पता नही कैसे ड्राईवर हो

बीवी को बिठाकर भी रफ चलाते हो

जरूर नजर इधर उधर होगी

पता नही किसने तुमको लाईसेंस दिया

एक काम ठीक से कर नही सकते

पता नहीं स्टेपनी ठीक है भी कि नहीं

अब शादी मे भी देर से पहुँचेंगे

सोंचा था मेरी नयी साड़ी से सब जलेगी

अब तो वरमाला के बाद ही पहुँचेंगे

तुमसे तो मेरी कोई खुशी देखी नही जाती

अरे बड़े अजीब आदमी हो

कुछ कहोगे भी कि गूँगे ही बने रहोगे

मेरी तो किस्मत ही फूटी थी कि तुम मिले

बोलते बोलते बेचारी कांपने भी लगी

इतने में एक साइकिल सवार आकर रूका और पूछा, "भाई साहब कुछ मदद करूँ?"

पति: भाई तू इस मैडम से थोड़ी देर बात कर ले तो मैं ये स्टेपनी लगा लूँ।

Thursday, 2 March 2017

рдЧौрддрдо рдмुрдж्рдз рдХे рд╕ुрд╡िрдЪाрд░

.... जो गुजर गया उसके बारे में मत सोचो और भविष्य के सपने मत देखो केवल वर्तमान पे ध्यान केंद्रित करो ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... आप पूरे ब्रह्माण्ड में कहीं भी ऐसे व्यक्ति को खोज लें जो आपको आपसे ज्यादा प्यार करता हो, आप पाएंगे कि जितना प्यार आप खुद से कर सकते हैं उतना कोई आपसे नहीं कर सकता।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और विश्वास सबसे अच्छा संबंध।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हमें हमारे अलावा कोई और नहीं बचा सकता, हमें अपने रास्ते पे खुद चलना है।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... तीन चीज़ें ज्यादा देर तक नहीं छुपी रह सकतीं – सूर्य, चन्द्रमा और सत्य
                  *– गौतम बुद्ध*

.... आपका मन ही सब कुछ है, आप जैसा सोचेंगे वैसा बन जायेंगे ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी एक कर्तव्य है, अन्यथा आप अपनी मन और सोच को अच्छा और साफ़ नहीं रख पाएंगे ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हम अपनी सोच से ही निर्मित होते हैं, जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं। जब मन शुद्ध होता है तो खुशियाँ परछाई की तरह आपके साथ चलती हैं ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... किसी परिवार को खुश, सुखी और स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरुरी है अनुशासन और मन पर नियंत्रण अगर कोई व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण कर ले तो उसे आत्मज्ञान का रास्ता मिल जाता है ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... क्रोध करना एक गर्म कोयले को दूसरे पे फैंकने के समान है जो पहले आपका ही हाथ जलाएगा ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... जिस तरह एक मोमबत्ती की लौ से हजारों मोमबत्तियों को जलाया जा सकता है फिर भी उसकी रौशनी कम नहीं होती उसी तरह एक दूसरे से खुशियाँ बांटने से कभी खुशियाँ कम नहीं होतीं ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... इंसान के अंदर ही शांति का वास होता है, उसे बाहर ना तलाशें ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... आपको क्रोधित होने के लिए दंड नहीं दिया जायेगा, बल्कि आपका क्रोध खुद आपको दंड देगा ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हजारों लड़ाइयाँ जितने से बेहतर है कि आप खुद को जीत लें, फिर वो जीत आपकी होगी जिसे कोई आपसे नहीं छीन सकता ना कोई स्वर्गदूत और ना कोई राक्षस ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... जिस तरह एक मोमबत्ती बिना आग के खुद नहीं जल सकती उसी तरह एक इंसान बिना आध्यात्मिक जीवन के जीवित नहीं रह सकता ।
                 *– गौतम बुद्ध*

.... निष्क्रिय होना मृत्यु का एक छोटा रास्ता है, मेहनती होना अच्छे जीवन का रास्ता है, मूर्ख लोग निष्क्रिय होते हैं और बुद्धिमान लोग मेहनती ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... हम जो बोलते हैं अपने शब्दों को देखभाल के चुनना चाहिए कि सुनने वाले पे उसका क्या प्रभाव पड़ेगा,
अच्छा या बुरा ।
                 *– गौतम बुद्ध*

.... आपको जो कुछ मिला है उस पर घमंड ना करो और ना ही दूसरों से ईर्ष्या करो, घमंड और ईर्ष्या करनेवाले लोगों को कभी मन की शांति नहीं मिलती ।
                  *– गौतम बुद्ध*

.... अपनी स्वयं की क्षमता से काम करो, दूसरों निर्भर मत रहो ।
                *– गौतम बुद्ध*

..... असल जीवन की सबसे बड़ी विफलता है हमारा असत्यवादी होना ।
                *– गौतम बुद्ध*

Friday, 24 February 2017

*ЁЯША рдХिрдЮ्рдЪिрдд् рд╣рд╕ाрдоः ЁЯША*

एक बार अमेरीका में एक विमान ✈खराब मौसम के चलते गोते खाने लगा l

विमान के पायलट ने अपना सारा अनुभव और कौशल्य लगा के पहाड़ों के बीच से बचते बचाते आड़े तिरछे कट मार के विमान को बचा कर एअरपोर्ट पे ले आया l

उसका सत्कार किया गया और पुछा गया की ऐसा talent और अनुभव उसने कहा और कैसे प्राप्त किया..??

*कसम से आंखों मे खुशी के आंसू आ गये* जब  बोला...

पेहला जोधपुर त्रिपोलिया  में टेक्सी 🚛चलावतो सा..!*😁😁

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माता - पुत्र ! शीघ्रम् आगच्छ। मम
       पुत्रवधूः पक्षाघातग्रस्ता जाता ।
       तस्याः मुखं वक्रीभूतम् जातम् ,
       नेत्रे उर्ध्वं स्तः , ग्रीवा अपि
       स्कन्धाश्रिता अस्ति। तस्याः
       पक्षाघातः एव अभवत्। शीघ्रं 
       आगच्छ  पुत्र !
पुत्रः - चिन्ता मास्तु , मातः । तस्याः
       किमपि न जातम् । सा ' सेल्फी '
       स्वीकुर्वती अस्ति !!!!😃😜😝😆
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рдЬ़िंрджрдЧी рдоुрдЯ्рдаी рдоें рд░ेрдд рдХी рддрд░рд╣ рд╣ोрддी

कल मैं दुकान से जल्दी घर चला आया।
आम तौर पर रात में 10 बजे के बाद आता हूँ,
कल 8 बजे ही चला आया।

सोचा था घर जाकर थोड़ी देर पत्नी से बातें करूंगा,
फिर कहूंगा कि कहीं बाहर खाना खाने चलते हैं।
बहुत साल पहले, , हम ऐसा करते थे। 

घर आया तो पत्नी टीवी देख रही थी।
मुझे लगा कि जब तक वो ये वाला सीरियल देख रही है,
मैं कम्यूटर पर कुछ मेल चेक कर लूं।
मैं मेल चेक करने लगा,
कुछ देर बाद पत्नी चाय लेकर आई,
तो मैं चाय पीता हुआ दुकान के काम करने लगा।

अब मन में था कि पत्नी के साथ बैठकर बातें करूंगा,
फिर खाना खाने बाहर जाऊंगा,
पर कब 8 से 11 बज गए, पता ही नहीं चला।

पत्नी ने वहीं टेबल पर खाना लगा दिया,
मैं चुपचाप खाना खाने लगा ।
खाना खाते हुए मैंने कहा कि
खा कर हम लोग नीचे टहलने चलेंगे, गप करेंगे।
पत्नी खुश हो गई।

हम खाना खाते रहे,
इस बीच मेरी पसंद का सीरियल आने लगा
और मैं खाते-खाते सीरियल में डूब गया।
सीरियल देखते हुए सोफा पर ही मैं सो गया था।

जब नींद खुली तब आधी रात हो चुकी थी।
बहुत अफसोस हुआ।
मन में सोच कर घर आया था
कि जल्दी आने का फायदा उठाते हुए आज कुछ समय पत्नी के साथ बिताऊंगा।
पर यहां तो शाम क्या आधी रात भी निकल गई।

ऐसा ही होता है, ज़िंदगी में।
हम सोचते कुछ हैं, होता कुछ है।
हम सोचते हैं कि एक दिन हम जी लेंगे,
पर हम कभी नहीं जीते।
हम सोचते हैं कि एक दिन ये कर लेंगे,
पर नहीं कर पाते।

आधी रात को सोफे से उठा, हाथ मुंह धो कर बिस्तर पर आया तो पत्नी सारा दिन के काम से थकी हुई सो गई थी।
मैं चुपचाप बेडरूम में कुर्सी पर बैठ कर कुछ सोच रहा था। 

पच्चीस साल पहले इस लड़की से मैं पहली बार मिला था।
पीले रंग के शूट में मुझे मिली थी।
फिर मैने इससे शादी की थी।
मैंने वादा किया था कि सुख में, दुख में ज़िंदगी के हर मोड़ पर मैं तुम्हारे साथ रहूंगा।

पर ये कैसा साथ ? मैं सुबह जागता हूँ
अपने काम में व्यस्त हो जाता हूँ ।
वो सुबह जागती है मेरे लिए चाय बनाती है।
चाय पीकर मैं कम्यूटर पर संसार से जुड़ जाता हूँ,
वो नाश्ते की तैयारी करती है।
फिर हम दोनों दुकान के काम में लग जाते हैं,
मैं दुकान के लिए तैयार होता हूं,
वो साथ में मेरे लंच का इंतज़ाम करती है।
फिर हम दोनों भविष्य के काम में लग जाते हैं।

मैं एकबार दुकान चला गया,
तो इसी बात में अपनी शान समझता हूँ
कि मेरे बिना मेरा दुकान का काम नहीं चलता,
वो अपना काम करके डिनर की तैयारी करती है।

देर रात मैं घर आता हूं
और खाना खाते हुए ही निढाल हो जाता हूं।
एक पूरा दिन खर्च हो जाता है,
जीने की तैयारी में।

वो पंजाबी शूट वाली लड़की मुझसे कभी शिकायत नहीं करती।
क्यों नहीं करती मैं नहीं जानता।
पर मुझे खुद से शिकायत है।
आदमी जिससे सबसे ज्यादा प्यार करता है,
सबसे कम उसी की परवाह करता है। क्यों?
 

कई दफा लगता है कि हम खुद के लिए अब काम नहीं करते।
हम किसी अज्ञात भय से लड़ने के लिए काम करते हैं।
हम जीने के पीछे ज़िंदगी बर्बाद करते हैं।

कल से मैं सोच रहा हूं,
वो कौन सा दिन होगा जब हम जीना शुरू करेंगे।
क्या हम गाड़ी, टीवी, फोन, कम्यूटर,कपड़े खरीदने के लिए जी रहे हैं?

मैं तो सोच ही रहा हूं,आप भी सोचिए

कि ज़िंदगी बहुत छोटी होती है।
उसे यूं जाया मत कीजिए।
अपने प्यार को पहचानिए।
उसके साथ समय बिताइए।
जो अपने माँ बाप भाई बहन सगे संबंधी सब को छोड़ आप से रिश्ता जोड़ आपके सुख-दुख में शामिल होने का वादा किया  उसके सुख-दुख को पूछिए तो सही।

एक दिन अफसोस करने से बेहतर है,
सच को आज ही समझ लेना
कि ज़िंदगी मुट्ठी में रेत की तरह होती है।
कब मुट्ठी से वो निकल जाएगी,
पता भी नहीं चलेगा

рд░ाрдлрд│ीрдпो

खेत मेँ साटो
पुराणो आटो
अणगङ भाटो
राफलियों ही करे ।

उजळा नेता
हीङ्क्या कुता
सिँघ सुता
राफळ ही करेँ ।

कूजाग्या रूंबो ..
दौङ मेँ कुबो ..
घर मेँ तूंबो
राफळ ही करेँ ।

नखराळी छोरी
ओछी डोरी
खाली तिजोरी
राफल ही करेँ ।

हींजङा की ताळी
अंधेरा मेँ नाळी
माटो हाळी
राफळ ही करेँ ।

अणपढ मंतरी
थाकोङो संतरी
टुटोङी छतरी
राफळियों ही करे ।

बिखरेङी बुहारी
थोङी जुंवारी
मां कुवारी
रफळियो हीकरे ।

कबूङा के सिकरो
गाया के गळे को डींगरो
ऊंदरा के पीँजरो
राफळीयो हीकरे ।

पानै पर सेइ को टोपो
छकङे मेँ बोदो खोपो
दुकान मेँ मुनीम डोपो
राफळीयो हीकरे ।

बाङी मेँ सूवो
बळतो बळतो कुवो
रूंख हैठे जूवो
राफळीयो हीकरे ।

अङयोङी घोङी
काची पकोङी
ऊंट बळद की जोङी
राफळीयों ही करेँ ।

जाङ हेठे गूंद
अणूती तूंद
अचार मेँ फफूंद
राफळीयों ही करेँ ।

कोड मेँ खाज
बङक्योङा राछ
ढोंगी माराज
रफळीयों ही करेँ ।

मारवाङ माय लू
कुघराने की भू
माथे माय जूं
राफळीयो ही करेँ ।

दूध माय माकी
गुटके री फाकी
टूटोङी नाकी
राफळीयों ही करेँ ।

अणूती ताण
परदेशी खाण
ताकङी मेँ काण
रफळीयो ही करेँ ।

झूंठी साख
फूटेङी आंख
उगाङी राख
राफळीयों ही करेँ ।

चोरा की जामनी
लुगाई बावनी
कुती खावणी
राफळ ही करे ।

मठा मेँ मोडा
बुढापे मेँ गोडा
उतरेङा डोडा
राफळीयोही करे ।

अणूतो लोब
झूंठो रोब
अणचायो थोब
राफळीयो हीकरे ।

गरमी मेँ सूंठ
सियाळे मेँ उंट
खेत मेँ भरूंट
राफळियौं ही करेँ